धर्मेंद्र का निधन – 89 साल में ली अंतिम सांस। जानिए मौत का कारण।

“जब कोई ऐसा नाम चला जाता है, जो दशकों तक हमारी फिल्मों, हमारी यादों और हमारी भावनाओं में रहा हो – तो यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, एक पूरे युग का अंत होता है।”


1. परिचय

हिंदी सिनेमा के पुरुषार्थ-प्रतीक, जो ‘ही-मैन’ कहे गए, आज हम उन्हें अलविदा कह रहे हैं। धर्मेंद्र का निधन सिर्फ एक अभिनेता के न रहने का समाचार नहीं है — यह उस समय की याद है जब हीरो बड़े दिल, बड़े कदम और बड़े वादों के साथ आता था। उनके पूरे जीवन-सफर, उनकी फिल्मों, उनके किरदारों, और उनके जाने के बाद के असर को इस ब्लॉग के माध्यम से हम याद करेंगे।


2. धर्मेंद्र के निधन की ख़बर और कारण

  • उन्होंने 24 नवंबर 2025 को 89 साल की उम्र में मुंबई में अंतिम सांस ली।
  • बहुत दिनों से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे। आख़िरी दिनों में उन्हें मुंबई के Breach Candy Hospital में भर्ती होना पड़ा था।
  • उनका अन्तिम संस्कार मुंबई-जुहू के पवन हंस स्मशान में हुआ, जहाँ फिल्म-जगत और उनके परिवार ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
  • इस खबर ने फिल्मी जगत में शोक की लहर दौड़ा दी — प्रधानमंत्री से लेकर जूनियर कलाकार तक, सबने उन्हें याद किया।

3. प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि

धर्मेंद्र का जन्म 8 दिसंबर 1935 को पंजाब के साहनेवाल गाँव में हुआ था।
उनका परिवार सामान्य-पृष्ठभूमि का था — पिता स्कूल के प्रिंसिपल थे।
मुंबई आकर उन्होंने शुरुआत की थी, जहाँ उन्होंने ठानी थी कि वे सिर्फ दिखने वाले हीरो नहीं बल्कि दिल वाले अभिनेता बनेंगे।
उनके संघर्ष और सफलता की कहानी आज भी प्रेरणादायी है।


4. धर्मेंद्र के करियर की ऊँचाइयाँ

4.1 शुरुआत और टूटते पैटर्न

उन्होंने 1960 के दशक में अभिनय की शुरुआत की।
धीरे-धीरे उन्होंने रोमां-एक्शन-हीरो की तिकड़ी में अपना स्थान बनाया।

4.2 “ही-मैन” इमेज और लोकप्रियता

70-80 के दशक में उनका नाम ‘ही-मैन’ के साथ जुड़ गया। मसल्स, मास-अपील और रोमांस — सब कुछ उनके में था।
उनकी कुछ प्रमुख फिल्में जैसे शोले (1975) ने उन्हें भारतीय सिनेमा के सदाबहार हीरो के रूप में स्थापित किया।

4.3 बहुमुखी अभिनय

धर्मेंद्र सिर्फ ‘बॉय-फ्रेंड’ या ‘हीरो’ तक सीमित नहीं रहे — उन्होंने कॉमेडी, ड्रामा, पारिवारिक भूमिका सब निभाई।
उनकी ‘सीता और गीता’ जैसी फिल्में दर्शाती हैं कि उन्होंने समय-समय पर अलग तरह की भूमिकाएँ भी आजमाई।

4.4 राजनीतिक पारी

सिर्फ अभिनेता ही नहीं, धर्मेंद्र ने राजनीति में भी कदम रखा। उन्होंने 2004-2009 तक लोकसभा में भी सांसद रहे।
यह दिखाता है कि उनका प्रभाव सिर्फ फिल्म-स्क्रीन तक सीमित नहीं था, बल्कि सामाजिक-राजनीतिक धरातल पर भी था।


5. धर्मेंद्र की व्यक्तिगत जीवन और परछाईयाँ

उनका व्यक्तिगत जीवन उतना ही चर्चित रहा जितना उनका करियर:

  • उन्होंने पहली शादी प्रकाश कौर से की और चार बच्चे हुए।
  • बाद में उनकी जोड़ी बनी हेमा मालिनी से, जिनके साथ उन्होंने फिल्मों में-बाहर दोनों ही जीवन साझा किया।
  • परिवार में उनके बेटे-बेटियाँ, उनका सिनेमा-परिवार, सब उनके निधन के बाद भावुक मोड़ पर हैं।

उनका यह जीवन-सफ़र, जिसमें सफलता भी, चुनौतियाँ भी थीं, हमें ज़िंदगी की विविधता का एहसास कराता है।


6. धरोहर: फिल्मों-और-किरदारों में धर्मेंद्र

धर्मेंद्र ने 300 + फिल्मों में काम किया — ये संख्या ही बताती है कि उन्होंने कितनी विस्तृत रूप से हिंदी सिनेमा को छुआ।
उनमें से कुछ विशेष हैं:

  • “शोले” — जिसने भारतीय फिल्मांकन की दिशा बदल दी।
  • “चुपके चुपके” — जहाँ उन्होंने कॉमेडी-सेंस दिखाया।
  • “मेरा गाँव मेरा देश” — जो वीर-भूमि की कहानी कहती थी।
  • इसके अलावा उनकी फिल्मों में उनका चिर-परिचित अंदाज़, संवाद-उच्चारण, हीरोइक पोज़ थिए।

उनके किरदारों ने हमारी यादों में जगह बनाई। और आज जब वो नहीं रहें, ये किरदार हमारी विरासत बन कर रहेंगे।


7. निधन के बाद सिनेमा-जगत तथा जनता की प्रतिक्रिया

धर्मेंद्र के निधन की ख़बर आते ही फिल्म-विश्व और आम लोग दोनों ही स्तब्ध रह गए।
राजनीतिक-सिनेमा हस्तियों ने सोशल मीडिया पर लिखा: “एक युग का अंत”।
उनकी पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों तरह की उपलब्धियों को आज सम्मान मिल रहा है।


9. निष्कर्ष

आज हम सिर्फ एक अभिनेता को नहीं खोए — हमने हिंदी फिल्म-हीरो की उस छवि को खोया जो मास-अपील, दिल-से, सशक्त और याद-गार थी। धर्मेंद्र ने अपने किरदारों से, अपनी मुस्कान से, अपनी मौजूदगी से हमें जिंदा-उम्मीद रखा और हमें प्रेरित किया।
उनका जाना हमारे लिए एक खालीपन छोड़ गया है — लेकिन उनकी यादें-फिल्में-संवाद हमारे साथ बनी रहेंगी।
जैसे एक महान अध्याय समाप्त होता है, वैसे ही यह समय हमें उस अध्याय को याद करने, उसकी प्रशंसा करने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने की जिम्मेदारी भी देता है।
ओम शांति, धर्मेंद्र जी। आपका सफर शानदार था — हमारी यायावर यादों में आप हमेशा ज़िन्दा रहेंगे।


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