Rajasthan Board Exam Twice a Year News 2025 राजस्थान में अब साल में दो बार होंगे बोर्ड एग्जाम


📌 परिचय

Rajasthan Board Exam – राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव किया गया है। Rajasthan Board of Secondary Education (RBSE) ने घोषणा की है कि अब कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएँ साल में दो बार आयोजित की जाएँगी
यह निर्णय National Education Policy 2020 (NEP 2020) के दिशा-निर्देशों के अनुसार लिया गया है, ताकि विद्यार्थियों को अधिक अवसर, लचीलापन और कम तनाव मिले।

राजस्थान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने हाल ही में इस नई परीक्षा प्रणाली का ऐलान करते हुए कहा कि यह बदलाव शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू किया जाएगा। इसका मतलब है कि अब छात्रों को एक ही वर्ष में दो बार बोर्ड परीक्षा देने का मौका मिलेगा और “बेस्ट ऑफ टू (Best of Two)” पॉलिसी लागू होगी।

आइए जानते हैं इस निर्णय का छात्रों, अभिभावकों और स्कूलों पर क्या असर होगा और इस बदलाव के पीछे की पूरी कहानी।


🎯 इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य Rajasthan Board Exam

राजस्थान बोर्ड द्वारा साल में दो बार परीक्षा आयोजित करने का निर्णय कई उद्देश्यों को लेकर लिया गया है।

  1. छात्रों का तनाव कम करना:
    पहले छात्रों को साल में केवल एक मौका मिलता था। अगर किसी कारणवश वे अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते थे, तो उन्हें पूरा एक साल दोबारा तैयारी करनी पड़ती थी। अब दूसरी परीक्षा में उन्हें सुधार का मौका मिलेगा।
  2. NEP 2020 के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था:
    नई शिक्षा नीति में कहा गया है कि परीक्षा-प्रणाली ऐसी होनी चाहिए जिससे छात्रों को बार-बार अवसर मिलें और वे “एक बार असफल = हमेशा असफल” के दबाव से मुक्त हों।
  3. समान अवसर देना:
    ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के छात्रों के बीच परीक्षा-प्रदर्शन का अंतर कम करने का भी एक लक्ष्य है।
  4. गुणवत्ता सुधारना:
    दो बार परीक्षा होने से शिक्षक और छात्र दोनों अपनी कमियों का विश्लेषण कर सकेंगे और अगली परीक्षा में बेहतर परिणाम पा सकेंगे।

🧾 नया नियम क्या कहता है? Rajasthan Board Exam

नई प्रणाली के अनुसार राजस्थान बोर्ड ने कुछ प्रमुख प्रावधान तय किए हैं:

1. साल में दो बार परीक्षा

  • पहली परीक्षा: फरवरी-मार्च में होगी (मुख्य परीक्षा)।
  • दूसरी परीक्षा: मई-जून में आयोजित होगी (सुधार/पूरक परीक्षा)।

दोनों परीक्षाओं का सिलेबस एक समान रहेगा और प्रश्नपत्रों का कठिनाई स्तर भी लगभग समान रखा जाएगा।


2. “बेस्ट ऑफ टू” नियम

इस पॉलिसी के अनुसार यदि कोई छात्र दोनों बार परीक्षा देता है, तो दोनों में से जिस परीक्षा में उसके अंक ज्यादा होंगे, वही अंक अंतिम परिणाम में जोड़े जाएँगे।
इससे छात्रों को आत्मविश्वास और दूसरा मौका दोनों मिलेंगे।


3. कौन दे सकेगा दूसरी परीक्षा?

  • जो छात्र पहली परीक्षा में फेल हो गए हैं।
  • जिन्होंने पूरक (supplementary) विषयों में अंक सुधारना है।
  • जो पहली परीक्षा में पास हैं, लेकिन अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं।

ध्यान देने योग्य बात यह है कि अंक सुधारने के लिए छात्र केवल तीन विषयों तक ही दोबारा परीक्षा दे सकेंगे।


4. परीक्षा शुल्क

परीक्षा शुल्क दोनों अवसरों के लिए समान रहेगा। दूसरी परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों को अलग से आवेदन करना होगा।


5. अनुपस्थित छात्रों के लिए प्रावधान

यदि कोई छात्र पहली परीक्षा में किसी बीमारी या विशेष कारण से शामिल नहीं हो पाया है, तो मेडिकल सर्टिफिकेट या जिला शिक्षा अधिकारी की अनुमति से वह दूसरी परीक्षा में बैठ सकता है।


6. मूल्यांकन और परिणाम

  • दोनों परीक्षाओं का परिणाम अलग-अलग जारी किया जाएगा।
  • अंतिम मार्कशीट में “बेस्ट ऑफ टू” के आधार पर प्राप्त अंक जोड़े जाएंगे।
  • इससे छात्रों को आगे की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में लाभ मिलेगा।

📚 छात्रों और अभिभावकों के लिए फायदे Rajasthan Board Exam

✅ 1. दूसरा मौका

अब छात्रों को असफलता के बाद एक साल इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा। वे उसी सत्र में दोबारा परीक्षा देकर अंक सुधार सकते हैं।

✅ 2. कम तनाव

पहले परीक्षा को “जीवन-मरण का प्रश्न” समझा जाता था। अब दो अवसर होने से छात्र मानसिक रूप से अधिक शांत रहेंगे।

✅ 3. बेहतर परिणाम

दूसरी बार परीक्षा देने से छात्रों को अपनी कमियों को समझने और सुधारने का मौका मिलेगा।

✅ 4. समय की बचत

एक सत्र में ही परिणाम सुधारने से करियर में रुकावट नहीं आएगी और आगे की पढ़ाई समय पर शुरू की जा सकेगी।

✅ 5. समान अवसर

जो छात्र पहली बार में बीमार रहे या किसी कारणवश पूरी तैयारी नहीं कर पाए, उन्हें भी न्यायपूर्ण मौका मिलेगा।


⚠️ नई प्रणाली की चुनौतियाँ Rajasthan Board Exam

हर सुधार के साथ कुछ चुनौतियाँ भी आती हैं।

❌ 1. दो बार तैयारी का दबाव

अब छात्रों को पूरे वर्ष लगातार पढ़ाई करनी होगी। दो परीक्षाओं का मतलब है अधिक मेहनत और अनुशासन।

❌ 2. स्कूलों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी

दो बार परीक्षा आयोजित करने से शिक्षकों और स्कूल प्रशासन पर कार्यभार बढ़ेगा — परीक्षा प्रबंधन, कॉपी जांच, परिणाम आदि सब दो बार करने होंगे।

❌ 3. खर्च और समय प्रबंधन

राज्य बोर्ड को दो बार परीक्षा कराने में अधिक खर्च और संसाधन लगेंगे, जिसे संतुलित करना चुनौती होगी।


🧠 छात्रों के लिए तैयारी की रणनीति Rajasthan Board Exam

नई व्यवस्था में सफल होने के लिए छात्रों को अपनी पढ़ाई का तरीका भी थोड़ा बदलना होगा।

📅 1. साल की शुरुआत से नियमित अध्ययन

अब किसी भी सत्र में लापरवाही नहीं चलेगी। अगर पहली परीक्षा में अच्छे अंक चाहते हैं, तो शुरुआत से ही फोकस बनाए रखें।

🕒 2. स्टडी शेड्यूल बनाएं

हर विषय के लिए टाइम टेबल तैयार करें — रोज़ाना 2-3 घंटे की नियमित पढ़ाई बहुत फर्क लाएगी।

📘 3. नोट्स बनाएं और दोहराव करें

कक्षा में पढ़े गए हर अध्याय के छोटे-छोटे नोट्स बनाएं। यह दूसरी परीक्षा के समय रिवीजन में मदद करेगा।

🧩 4. मॉक टेस्ट और पुराने पेपर

पिछले सालों के पेपर और मॉक टेस्ट हल करें। इससे परीक्षा पैटर्न की समझ बनेगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

🧍‍♂️ 5. मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य

परीक्षा के दौरान तनाव और थकान से बचने के लिए उचित नींद और संतुलित आहार जरूरी है।


👨‍👩‍👦 अभिभावकों के लिए सुझाव Rajasthan Board Exam

  • बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि उन्हें मोटिवेट करें।
  • उनके अध्ययन-रूटीन में सहयोग करें।
  • मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनवाएं।
  • उन्हें यह महसूस कराएं कि असफलता अंत नहीं है, बल्कि सुधार का अवसर है।

🏫 शिक्षकों और स्कूलों की भूमिका Rajasthan Board Exam

शिक्षक इस नई व्यवस्था में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

  • उन्हें छात्रों को “दो बार परीक्षा” के लाभ और प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताना होगा।
  • पहले प्रयास के बाद कमजोर छात्रों को अतिरिक्त क्लासेस देनी होंगी।
  • स्कूलों को मई-जून के लिए भी परीक्षा-प्रबंधन की तैयारी रखनी होगी।

🌍 शिक्षा जगत की प्रतिक्रिया Rajasthan Board Exam

शिक्षा विशेषज्ञों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह कदम विद्यार्थी-केन्द्रित शिक्षा प्रणाली की दिशा में बड़ा कदम है।

कई राज्यों जैसे महाराष्ट्र, दिल्ली, और उत्तराखंड में भी इसी तरह के सुधारों पर विचार चल रहा है। यदि राजस्थान का यह मॉडल सफल रहता है, तो अन्य राज्यों में भी इसे अपनाया जा सकता है।


🧩 उदाहरण से समझिए Rajasthan Board Exam

मान लीजिए, किसी छात्र ने पहली परीक्षा में 68% अंक प्राप्त किए।
वह मई-जून में दूसरी परीक्षा में तीन विषयों में शामिल होता है और अब उसका औसत प्रतिशत 75% आता है।
इस स्थिति में बोर्ड उसकी मार्कशीट में 75% (Best of Two) प्रतिशत को अंतिम परिणाम मान लेगा।


🧾 निष्कर्ष Rajasthan Board Exam

राजस्थान सरकार का यह निर्णय निस्संदेह शिक्षा जगत में सकारात्मक और ऐतिहासिक कदम है।
यह छात्रों को केवल अंक सुधारने का मौका नहीं देगा, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और मनोबल भी प्रदान करेगा।

अब विद्यार्थियों को चाहिए कि वे इस नयी प्रणाली को अवसर के रूप में देखें, न कि डर के रूप में।
अगर आप पहली परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए तो चिंता की कोई बात नहीं — अब आपको साल में दो बार बोर्ड परीक्षा देने का मौका मिलेगा और अपनी मेहनत का सर्वश्रेष्ठ परिणाम दिखा सकेंगे।


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