GST 2.0 के फैसले।

GST 2.0 के फैसले। ।भारत में टैक्स सुधार की दिशा में आज 4 सितंबर 2025 को हुई 56वीं GST काउंसिल बैठक ऐतिहासिक रही। यह बैठक GST 2.0 की शुरुआत मानी जा रही है, जिसमें टैक्स स्लैब सरल किए गए, बीमा पर टैक्स हटाया गया और आम जनता को बड़ी राहत मिली। आइए जानते हैं पूरा विवरण।

🔑 मुख्य फैसले – GST 2.0

1️⃣ दो नए GST स्लैब – टैक्स स्ट्रक्चर आसान

• पहले चार GST स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) थे।

• अब केवल दो मुख्य स्लैब होंगे – 5% और 18%।

• महँगी और लग्ज़री वस्तुओं पर विशेष 40% टैक्स स्लैब लागू होगा। इसमें बढ़ोतरी हुई है।

➡️ हालाँकि यह बदलाव GST Rate Rationalisation और GST Council Decision 2025 से जुड़ा सबसे बड़ा सुधार है।

56वीं GST काउंसिल बैठक 2025 – GST 2.0 के बड़े फैसले और असर।

2️⃣ जीवन और स्वास्थ्य बीमा पर GST खत्म

• अब Life Insurance Premium और Health Insurance Premium पर कोई GST नहीं लगेगा।

• इससे पॉलिसी सस्ती होगी और लोग अधिक बीमा लेने के लिए प्रोत्साहित होंगे।

➡️ फायदा: आम आदमी को हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर लगभग 18% की सीधी बचत।

3️⃣ रोजमर्रा की चीजें होंगी सस्ती

• तेल, साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट, कॉफी, नमकीन जैसी वस्तुओं पर 5% GST।

• दूध, पनीर, रोटी, दवाइयाँ जैसी आवश्यक वस्तुओं को 0% टैक्स श्रेणी में डाल दिया गया। क्योंकि यह चीजें हर एक आदमी को अपने दैनिक जीवन में खरीदनी पड़ती है। GST 2.0 के फैसले।

➡️ प्रभाव: आपकी मासिक किराना और मेडिकल बिल में बड़ी बचत।

4️⃣ इलेक्ट्रॉनिक्स और छोटे वाहन सस्ते

• टीवी, AC, वॉशिंग मशीन, फ्रिज जैसी चीजों पर अब 18% GST।

• 350cc तक की बाइक और छोटे कार भी सस्ते होंगे।

➡️ Cheaper Cars in India, GST Cut on Electronics, Affordable Bikes.

56वीं GST काउंसिल बैठक 2025 – GST 2.0 के बड़े फैसले और असर।

5️⃣ लग्ज़री और “सिन प्रोडक्ट्स” पर 40% टैक्स

• तंबाकू, सिगरेट, शराब, पान मसाला, महंगी कारों पर 40% टैक्स।

• इससे सरकार को अतिरिक्त रेवेन्यू और स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर।

➡️ ध्यान दें: Tobacco GST Rate और Luxury Car GST Rate 2025 इस साल का बड़ा अपडेट है।

6️⃣ किसानों को बड़ी राहत

• कृषि उपकरणों और इनपुट पर टैक्स घटाकर 5% किया गया।

• ओडिशा में केंदु पत्ती पर टैक्स 18% से घटाकर 5% कर दिया गया।

➡️ प्रभाव: खेती की लागत कम होगी और किसानों को सीधा लाभ।

7️⃣ राज्यों के लिए मुआवजा

• राज्यों ने केंद्र से 5 साल तक के लिए रेवेन्यू मुआवजे की गारंटी मांगी।

• इससे राज्य सरकारों के प्रोजेक्ट और योजनाएँ प्रभावित नहीं होंगी।

🏆 इस सुधार का असर

• उपभोक्ताओं पर: रोजमर्रा की वस्तुएँ सस्ती, बीमा पर टैक्स खत्म।

• बिज़नेस पर: टैक्स स्ट्रक्चर आसान, कागजी कार्रवाई कम।

• इकोनॉमी पर: खपत और उत्पादन दोनों में तेजी आने की संभावना।

📊 सारांश तालिका

श्रेणीनई GST दर उदाहरण
0%Life & Health Insurance, दूध, पनीर, रोटी सीधी बचत
5%साबुन, तेल, शैम्पु, कृषि उपकरण रोजमर्रा की जरूरतें सस्ती
18%इलेक्ट्रॉनिक्स, छोटे वाहन खरीदने का सही समय
40%तम्बाकू, शराब, लग्जरी कार महंगी रहेंगी

✅ निष्कर्ष

यह 56वीं GST काउंसिल बैठक भारत में टैक्स सुधार की दिशा में बड़ा कदम है। आम उपभोक्ताओं को राहत, बिज़नेस को सरलता और किसानों को सहायता—सबको लाभ मिलेगा। आने वाले महीनों में कीमतों में कमी और अर्थव्यवस्था में रफ्तार देखने को मिल सकती है।

• GST 2.0 के फैसले।

📌 अगर आप बिज़नेस ओनर हैं, तो अपने प्राइसिंग स्ट्रक्चर को जल्द अपडेट करें। अगर आप उपभोक्ता हैं, तो ये बदलाव आपकी जेब के लिए खुशखबरी हैं

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