जानिए जोधपुर के महाराजा गज सिंह जी के बेटे Shivraj Singh जी के जीवन की पूरी कहानी — उनकी शिक्षा, व्यवसायिक सफर, सामाजिक योगदान और राजघराने की परंपराओं को आगे बढ़ाने की उनकी सोच।
परिचय: आधुनिक समय के राजकुमार Shivraj Singh
राजस्थान की शान जोधपुर सिर्फ अपने नीले शहर और मेहरानगढ़ किले के लिए ही नहीं, बल्कि अपने शाही परिवार के लिए भी जाना जाता है। इसी शाही परिवार के एक चमकते सितारे हैं युवराज शिवराज सिंह जी, जो महाराजा गज सिंह द्वितीय और महारानी हेमलता राजे के पुत्र हैं।
भले ही भारत में राजशाही व्यवस्था अब नहीं है, लेकिन शिवराज सिंह ने अपनी पहचान सिर्फ “राजघराने के वारिस” के रूप में नहीं, बल्कि एक आधुनिक उद्यमी, खेल प्रेमी और समाजसेवी के रूप में बनाई है।
Shivraj Singh की प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
शिवराज सिंह का जन्म 30 सितंबर 1975 को जोधपुर के ऐतिहासिक उम्मेद भवन पैलेस में हुआ था।
वे बचपन से ही राजस्थान की संस्कृति और परंपराओं से गहराई से जुड़े रहे। उनकी शुरुआती शिक्षा Mayo College, Ajmer में हुई — जो भारत के सबसे प्रतिष्ठित रॉयल स्कूलों में से एक है। इसके बाद उन्होंने Eton College, England से उच्च शिक्षा प्राप्त की, जो ब्रिटिश राजघरानों का पसंदीदा स्कूल माना जाता है।
आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने Oxford University में प्रवेश लिया, जहाँ से उन्होंने Modern History में स्नातक की डिग्री प्राप्त की।
उनकी शिक्षा में भारतीय और पश्चिमी दोनों मूल्यों का अद्भुत संगम दिखाई देता है, जिसने उन्हें आधुनिक और परंपरागत सोच का मिश्रण बनाया।
एक घुड़सवार और Polo खिलाड़ी के रूप में पहचान
शिवराज सिंह जोधपुर को “भारत की Polo राजधानी” कहे जाने में बड़ा योगदान है।
उन्होंने कम उम्र से ही Polo खेलना शुरू किया और जल्द ही भारत के शीर्ष पोलो खिलाड़ियों में अपनी जगह बना ली।
उनका नाम Indian Polo Team के कुछ बेहतरीन खिलाड़ियों में गिना जाता है।
उन्होंने कई बार Indian Polo Team का अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में नेतृत्व किया।
लेकिन 2005 में एक गंभीर दुर्घटना के कारण उन्हें गहरी चोटें आईं।
कई महीनों तक कोमा में रहने के बाद उन्होंने चमत्कारिक रूप से वापसी की — और यह उनकी इच्छाशक्ति और साहस का प्रमाण है।
आज वे सिर्फ Polo नहीं खेलते, बल्कि Jodhpur Polo and Equestrian Institute के माध्यम से नई पीढ़ी को इस शाही खेल की शिक्षा दे रहे हैं।
Shivraj Singh की व्यवसायिक और प्रबंधन क्षेत्र में भूमिका
राजघरानों के पास हमेशा से ही अपनी संपत्ति, विरासत और ट्रस्ट होते हैं, जिन्हें संभालना किसी व्यवसाय से कम नहीं।
शिवराज सिंह इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं।
वे Umaid Bhawan Palace (Taj Group), Mehrangarh Museum Trust, और Jodhpur Polo Club जैसे संस्थानों से जुड़े हैं।
Umaid Bhawan Palace, जो अब एक लग्ज़री होटल के रूप में Taj Group द्वारा संचालित होता है, उसकी देखरेख में शिवराज सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका है।
वे जोधपुर को एक Global Heritage Tourism Destination बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत हैं।
Mehrangarh Museum Trust में योगदान
उनके पिता महाराजा गज सिंह जी ने 1972 में Mehrangarh Museum Trust की स्थापना की थी, और आज शिवराज सिंह इस ट्रस्ट की नई सोच लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
उनका लक्ष्य है कि दुनिया भर के पर्यटक राजस्थान की राजसी संस्कृति, वास्तुकला और लोककला को करीब से जान सकें।
उनके नेतृत्व में कई प्रदर्शनियों और सांस्कृतिक आयोजनों का आयोजन किया गया है, जिनमें देश-विदेश के कलाकारों ने हिस्सा लिया।
सामाजिक और सांस्कृतिक पहल
शिवराज सिंह जोधपुर में कई सामाजिक कार्यों और चैरिटी प्रोजेक्ट्स से जुड़े हैं।
वे ग्रामीण शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं।
उन्होंने “Jodhpur One World Retreat” नामक पहल में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई — जिसका उद्देश्य था HIV/AIDS से जूझ रहे लोगों के लिए सहायता और जागरूकता फैलाना।
उनका यह मानना है कि “एक सच्चे नेता का काम केवल शासन करना नहीं, बल्कि समाज की सेवा करना होता है।”
Shivraj Singh की व्यक्तिगत जीवन
शिवराज सिंह का विवाह Gayatri Kumari Pal से हुआ है, जो जयपुर राजघराने से ताल्लुक रखती हैं।
दोनों का विवाह 2010 में बड़ी शाही परंपरा और सरलता के साथ हुआ था।
उनके दो बच्चे हैं, जिनके माध्यम से अब जोधपुर राजघराने की तीसरी पीढ़ी भी तैयार हो रही है।
वे अपने पारिवारिक जीवन में बेहद सादगीपूर्ण हैं और जोधपुर के आम लोगों से हमेशा जुड़े रहते हैं।
अक्सर वे स्थानीय आयोजनों, मेलों और खेल कार्यक्रमों में शिरकत करते देखे जाते हैं।
आधुनिक सोच और विरासत का संगम
शिवराज सिंह की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे परंपरा और आधुनिकता दोनों के संतुलन में विश्वास रखते हैं।
वे कहते हैं,
“हमारी विरासत हमें पहचान देती है, लेकिन आगे बढ़ने के लिए हमें नए विचारों को अपनाना चाहिए।”
उन्होंने जोधपुर को Luxury Heritage Destination के रूप में विश्व मानचित्र पर लाने में बड़ी भूमिका निभाई है।
उनके प्रयासों से आज जोधपुर में न केवल पर्यटन बढ़ा है, बल्कि स्थानीय कारीगरों, कलाकारों और उद्यमियों को भी रोज़गार के नए अवसर मिले हैं।
पर्यावरण और स्थायी पर्यटन के लिए प्रयास
शिवराज सिंह “सस्टेनेबल टूरिज़्म” के बड़े समर्थक हैं।
वे अपने प्रोजेक्ट्स में पर्यावरण संरक्षण, जल बचत और लोकल संसाधनों के उपयोग पर ध्यान देते हैं।
उनका उद्देश्य है कि आने वाली पीढ़ियां भी राजस्थान की सुंदरता को उसी रूप में देख सकें जैसे आज हम देखते हैं।
निष्कर्ष: परंपरा का नया चेहरा
युवराज शिवराज सिंह जोधपुर आज के समय में उन कुछ राजकुमारों में से हैं जो राजसी गौरव, आधुनिक सोच और सामाजिक संवेदनशीलता — तीनों को एक साथ लेकर चल रहे हैं।
उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि अगर किसी में हिम्मत, जिम्मेदारी और ईमानदारी हो, तो वह किसी भी क्षेत्र में “नेता” बन सकता है — चाहे वो महल में जन्मा हो या साधारण परिवार में।
वे जोधपुर और राजस्थान दोनों के लिए प्रेरणा हैं —
एक ऐसे राजकुमार, जो न सिर्फ ताज पहनता है, बल्कि जिम्मेदारी भी उठाता है।